पाकिस्तान का भारत को जवाब बिना इस बात पे गौर किये कि. . .

14 फरवरी 2018 को पुलवामा हमले मे हमारे देश के वीर जवानो के शहीद होने की घटना से पूरे देश मे चीत्कार मच गई कुछ पत्रकार तो पुलवामा क‍ा हाल बताते बताते रोने लगे  घरो मे खबर सुनते ही लोग शोक मे डूब गये मैने जब 15 फरवरी को अखबार पढ़ा तो
मेरे आंसु बहे बिना माने नही, 
चुंकि एक जवान का परिवार उसका देश होता है  इसलिये जवानो की शहादत से  जो तकलीफ उनके परिवार को होरही थी वही तकलीफ पूरे देश को होरही थी ये तकलीफ अभी कम न हुई थी और आंसू अभी सूखे न थे कि मेजर चित्रेश और डौडियाल जैसे वीर जवानो के शहीद होने का सिलसिला जारी रहा ऐसा लग रहा कि कोई चाकू लेकर हमारे जख्मो को कुरेद रहा है और लेकिन जब  भारतीय वायुसेना  ने पाकिस्तान मे घुस कर जैश के 300 आतंकियो को ढेर कर दिया तो  पूरे देश मे भारतीय वायु सेना की जय जय कार सुनाई दी.
पाकिस्तान ने हमे जवाब देने कि पूरी कोशिश की  और फिर एक और बुरी खबर आई कि जांबाज 8विंग कमांडर अभिनन्दन पाकिस्तान के  कब्जे मे है पर भारत के सख्त रवैये की वजह से पाकिस्तान को अभिनन्दन को छोड़ना पड़ा, बात युध्द तक आगई  पर ये क्या?
भारतीय और पाकिस्तानी मीडिया के बीच बीच तू तू मै मै का महायुध्द शुरु होगया मुझे बहुत बुरा लग रहा था  जब पाकिस्तानी मीडिया और नागरिक भारतीयो को जवाब देने के लिये कुछ भी वोलने लगे भारतीय फिल्मो मे सवाल उठाने लगे 
एक पाकिस्तानी जर्नलिस्ट फिजा ने कहा कि 
बेटियां तो सुरक्षित है नही इनके देश मे! बिना  इस बात पे गौर किये इनके देश मे औरतो की हालत कैसी है? 
और हमारे देश की सरकार ने तो मुस्लिम महिलाओ को तीन तलाक के दर्द से छुटकारा दिलवाया.
दूसरा बेतुका सवाल पत्रकार फिजा के ही द्वारा उठाया गया कि ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ पता नही कैसी कैसी फिल्मे बनती है बॉलीवुड मे? टॉयलेट की समस्या तो दूर नही कर पारहे है…. .
बिना इस बात मे गौर किये कि
मजवूत फिल्म इंडस्ट्री ने पाकिस्तानी  कलाकारो को न सिर्फ  काम दिया बल्कि सर आंखो पर बिठाया है आतिफ असलम , अदनान सामी, वीना मलिक आदि ने तो पाकिस्तान छोड़ यही बसने मे अपनी भलाई समझी.
  पाकिस्तानी पत्रकार एक तरफ हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री को मजवूत मानते है तो दूसरी तरफ भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के मजबूत होने कारण अन्डर वर्ल्ड को बताते है.
हद होगई! जब पत्रकारो ने  प्रधान मंत्री मोदी को चाय वाला मोदी, बड़े मुल्क का छोटा आदमी और पता नही क्या क्या कहा? 
जबकि  फिजा ने ही अपने एक दूसरे  वीडियो मे कहा कि हमारे देश मे कोई मोदी क्यो नही है? 
क्योकि मोदी की इकोनॉमी से भारतीय अर्थव्यवस्था बहुत मजबूत हुई.
लेकिन फिजा के सवाल के जवाब मे  एक  पाकिस्तानी नेता ने बड़ा अनपढ़ो वाला जवाब देते हुये कहा कि अरे ! वो  हिन्दु बनिया है.
ये वीडियो देखने के बाद मुझे अपने देश के प्रधान मंत्री पर गर्व महसूस होने लगा.
पाकिस्तानी अभिनन्दन को चाय पिला कर अपन‍ा बड़ा दिल होने का सबूत देरहे है बिना इस बात पे गौर किये कि आपका बड़ा दिल कहां चला गया था जब  सरबजीत जैसे निर्दोष भारतीय का पाकिस्तानी जेल मे यातनाये देते हुये कत्ल करवा दिया गया. अभिनन्दन की सकुशल घर वापसी से खुश होकर सरबजीत की बेटियां बोल पड़ी कि अगर  मोदी की सरकार होती तो आज उनके पापा भी जिन्दा घर वापस आजाते.
पाकिस्तानी जनता और जर्नलिस्ट किरन नाज का ये भी कहना है कि हम सबूत के साथ बात करते है और भारत की तरह पीठ पीछे वार नही करते. . .
  हम अमन पसन्द
करते है. . .(शुक्र है अमन की चाहत रखने मे भारतीय जनता को शामिल कर लिया और  निशाना सिर्फ मीडिया और सरकार पर साधा) भारत के  जानवर लातो के भूत है बातो से नही मानेंगे …,युध्द चाहते है,  सबकी बरबादी चाहते है….।
बिना इन बातो मे गौर किये कि 
हमारे हमारे पूर्व प्रधान मंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपेयी की पहल की वजह से भारत पाकिस्तान के सम्बंध दोस्ताना हुये थे पर 2008 मे ताज होटल सहित कई जगह पर हमलो की वजह से भारत पाक के सम्बंधो मे खटास आगई थी ये आतंकवादी हमले की वजह पाकिस्तान का बार बार  पीठ पीछे वार करना साबित हुआ था. हम भोले है बेवकूफ नही है कि आप सामने हमारे दोस्त बने रहे  अपनी जरुरते पूरी करते रहे और पीठ पीछे छूरा घोंपते रहे आतंकवादी हमले मे जनता मरती रहे, जवान शहीद होते रहे और हम अापसे दोस्ती निभाते रहे.
और रही बात सबूतो की तो हमारी  वायुसेना अपनी जान खतरे मे डाल कर आतंकवादियो का खात्मा करने गई थी, पिकनिक मनाने नही गई थी कि 
सेल्फी लेके दुनिया को दिखाती! 
भाई! हमे तो स्टूडियो मे बैठीि News  Anchor किरन नाज आवेश मे आकर पगले कही के? बोल कर भढ़ास निकाल रही थी.
एक तरफ कहते है कि भारतीयो मे इंसानियत नही है  तबाही मचाते है तो दूसरी तरफ कहते है कि जंगल मे बम गिराकर दुनिया को छोटे छोटे पुर्जे दिखाके  आतंकवादी मारने के तुच्छ से सुबूत देरहे है.
हद है! भारत के इस सख्त कदम के बाद ही क्यो आपने तमाम आतंकवादी पकड़े? और फिर ईरान भी पागल है? जिसने पाकिस्तान को आतंकवादियो पर कार्यवाही करने की चेतावनी दी है और अमेरिका भी पागल ही होगा इनकी नजर मे,
हमारा उद्देश्य युध्द करके तबाही फैलाना नही बल्कि आपको आईना दिखाना है
अगर अपना काम आप पहले ही कर लेते 
तो भारत कभी ऐसे कदम नही उठाता
आखिरकार ये हम भी जानते है पाकिस्तान मे एक आम जनता भी रहती है जिनका आतंकवाद से कोई लेना देना नही है और हमारी बात पे जरा  गौर करे!  हमने कहा है कि पाकिस्तान मे घुस कर आतंकवादियो को मारेंगे न कि पाकिस्तानियो को मारेंगे क्योकि हमारी लड़ाई आतंकवाद से है, स्विटजरलैंड के जिनेवा मे संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार की 40वी बैठक में पुलवामा हमले की निन्दा
मे होना और आतंकी हमले के लिये पाकिस्तानी सेना और सरकार को जिम्मेदार ठहराया जाना भारत की सत्यता का प्रमाण है.

खैर! 
हमने फिल्मो और धारावाहिको के जरिये भी सबको हमेशा यही सन्देश दिया है कि हर पाकिस्तानी आतंकवादी नही होता पाकिस्तान मे भी एक आम जनता रहती है फिर भी हमारी फिल्मे देखने वाले पाकिस्तानियो का  हमारी फिल्मो का मजाक उड़ाना ये मुंह और मसूर की दाल लगता है क्योकि 
“आपका पाकिस्तान जिन्दाबाद रहे हमे इससे हमें कोई ऐतराज नही पर हमारा हिन्दुस्तान जिन्दाबाद था जिन्दाबाद है और जिन्दाबाद रहेगा।”
ये सिर्फ एक फिल्मी डायलॉग नही है बल्कि हम हमारे ही विचार है, लेकिन एक पाकिस्तानी महिला यू ट्यूब वीडयो के जरिये मजाक उड़ा रही थी कि आपकी फिल्म का हीरो तो पाकिस्तान जाके पाकिस्तानियो को मारता है हमने तो आपके रियल हीरो (अभिनन्दन)  को पीटा.
महिला हमे ये भी समझा   रही थी कि 
आपकी सरकार आपको बेवकूफ बना रही है चुनाव मे जीतने के लिये खुद ही हमले करवाती है फिर सारा इल्जाम पाकिस्तानियो पर लगाती है. भाई! ये बा त तो हम भी कह सकते है कि आपकी सरकार आपको बेवकूफ बना रही है आपको पता भी नही है और आतंकवादियो को पनाह दे रही है. खैर! पाकिस्तान को आतंकवादियो का देश सिर्फ भारत ने नही किया बल्कि अमेरिका और ईरान भी घोषित कर चुके है.
फिर भी पाकिस्तान की तरफ हमे जवाब पे जवाब मिले  जारहे है भले ही जवाब का कोई मतलब न बन रहा हो. पाकिस्तानी पत्रकार किरन ने कहा
” जब से हमारा पाकिस्तान आजाद हुआ है तब से हमारे पीछे पड़ा है ये भारत”
हे भगवान!
मुस्लिम आये हमने स्वागत किया पर अंजाम मे हम गुलाम बने फिर अंग्रेज आये हमने उनका स्वागत किया पर अंजाम मे उन्होने हमे गुलाम बनाया मतलब हमने कभी किसी को गुलाम नही बनाया उल्टा आप ही भारत के  एक हिस्से को तोड़ कर अलग होगये.
और तो और प‍ाकिस्तान के पहले प्रधान मंत्री मुहम्मद अली जिन्ना थे ये कंफर्म था कि वे एक मुस्लिम ही थे पर
हमारे देश के पहले प्रधान मंत्री पं जवाहर लाल  नेहरु की आइडेंटिटी पे लोग सवाल उठा देते है कि वे सच मे हिन्दु ही थे या मुस्लिम क्योकि वे हिन्दु ही थे ये बात कन्फर्म नही थी . 
खैर! जब कुछ भी नही मिलता तो सीधे हिन्दुओ की बुराई करने मे उतर आते है 
और हमारे मुस्लिम भाई बहनो को हमसे अलग करने कोशिश करते है, हमारे यहां जब  मुस्लिम दरगाह की चादर लेकर मुहल्लो से निकलते है तो वे हिन्दु ही होते है जो सिर झुका कर पैसे चढ़ाकर खुद को धन्य समझते है,  हम मस्जिद भी चले जाते है  आस्था के साथ सिर झुका लेते है  फिर भी  हम पर कोई हिन्दु फतवा जारी नही करता. भारत मे धर्म और जाति के आधार पर सम्मान नही मिलता बल्कि कर्मो के आधार पर मिलता है.
भारत के मिसाइल मैन कहे जान वाले स्वर्गीय अब्दुल कलाम हो या शहीद अब्दुल हमीद हो उनका नाम सिर्फ  मुस्लिम ही नही बल्कि हिन्दु भी श्रध्दा भाव के साथ याद करते है 
हमे इस बात से फर्क नही पड़ता कि 
भारत मे हिन्दु  ज्यादा हो या किसी और धर्म के व्यक्ति क्योकि हमारे लिये हर वो इंसान भारतीय है जो भारत को अपना समझकर यहां रहता है और भारत से प्यार करता है ( भारत का नाम हिन्दुस्तान किसी   हिन्दु ने नही बल्कि मुगल बादशाह अकबर ने रखा).
खैर पाकिस्तानी जनता  और पत्रकारो ने 
जो कुछ भी सुनाया हो पर ये बात झुठलाई नही जासकती है हमारे देश मे कुछ छोटी सोच के  लोग भी है जिनकी  की वजह पाकिस्तान जैसे देशो को भी भारत के खिलाफ  मुंह चलाने का मौका मिल जाता है. अब जब भारत एक  शक्तिशाली देश के रूप मे उभर रहा है तो हम सब हिन्दु, मुस्लिम सिख और ईसाई को एकजुट होकर भारत को ऊर्जा देकर उसे और शक्तिशाली बनाने मे लग जाना चाहिये.

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